उत्तराखंड में इस बार मई महीने में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी जैसे शहरों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर में सड़कें लगभग खाली दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हीट वेव जैसी स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।
गर्मी बढ़ने के साथ-साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कई जंगलों में सूखी घास और पेड़ों में आग लगने से वन विभाग को काफी परेशानी हो रही है। आग बुझाने के लिए टीमों को लगातार काम करना पड़ रहा है। गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
देहरादून और हरिद्वार जैसे शहरों में बिजली और पानी की मांग भी अचानक बढ़ गई है। कई जगह लोगों ने पानी की कमी की शिकायत की है। प्रशासन लोगों से जरूरी काम होने पर ही दोपहर में बाहर निकलने की अपील कर रहा है। डॉक्टरों ने ज्यादा पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है।
मेरी राय में, मौसम में हो रहे बदलाव अब साफ दिखाई देने लगे हैं। पहले उत्तराखंड को ठंडे मौसम वाला राज्य माना जाता था, लेकिन अब यहां भी तेज गर्मी पड़ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण पर्यावरण को नुकसान और लगातार बढ़ता प्रदूषण हो सकता है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए और जंगलों को बचाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। अगर समय रहते पर्यावरण पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।