गणतंत्र दिवस परेड में ऐसी दिखेगी उत्तराखंड की आकर्षक झांकी

गणतंत्र दिवस परेड 2023 के लिए उत्तराखंड राज्य की झांकी का अंतिम चयन हो गया है। जो मानसखंड पर आधारित होगी।‌

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गणतंत्र दिवस परेड में ऐसी दिखेगी उत्तराखंड की आकर्षक झांकी

इस बार नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 26 जनवरी की परेड ग्राउंड में उत्तराखंड की आकर्षक झांकी दिखेगी। गणतंत्र दिवस परेड 2023 के लिए उत्तराखंड राज्य की झांकी का अंतिम चयन हो गया है। सूचना विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन के उपरांत मानसखंड पर आधारित झांकी प्रस्तावित की गई थी। जिसे भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

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सूचना विभाग के महानिदेशक वंशीधर तिवारी ने बताया कि झांकी के अग्र तथा मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंगा, घुरल, मोर तथा उत्तराखंड में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों व झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया जाएगा। झांकी में उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ऐपण का भी समावेश किया गया है। झांकी के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य का दल सम्मिलित होगा। उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर झांकी का थीम सॉन्ग आधारित होगा।

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गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड की झांकी

बता दें कि श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक मंदिर के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर पर मानसखंड पर आधारित झांकी का प्रदर्शन होगा। जिससे देश विदेश के लोग मानस खंड के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति से भी परिचित होंगे।

गणतंत्र दिवस की झांकी के लिए लगभग 27 राज्यों ने भारत सरकार को अपने प्रस्ताव प्रेषित किए थे जिसमें 16 राज्यों का ही अंतिम चयन हुआ है। राष्ट्रीय समारोह के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक K.S CHUHAN द्वारा झांकी का डिजाइन, 3D मॉडल तथा संगीत के संदर्भ में रक्षा मंत्रालय के अधीन गठित विशेषज्ञ समिति के सम्मुख नई दिल्ली में 7 बार प्रस्तुतीकरण करने के उपरांत उत्तराखंड राज्य का अंतिम चयन हुआ है।

अभी तक 13 झांकियों का प्रदर्शन

  •  2003 में ‘फुलदेई
  • 2005 में ‘नंदा राजजात
  • 2006 में ‘फूलों की घाटी
  •  2007 में ‘कार्बेट नेशनल पार्क
  • 2009 में ‘साहसिक पर्यटन
  • 2010 में ‘कुम्भ मेला हरिद्वार
  •  2014 में ‘जड़ीबूटी
  • 2015 में ‘केदारनाथ
  • 2016 में ‘रम्माण
  •   2019 में ‘अनाशक्ति आश्रम
  •  2021 में ‘केदारखण्ड
  •    2022 में ‘प्रगति की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड’

31 दिसंबर से सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक/नोडल अधिकारी K.S CHUHAN के दिशा निर्देश में राष्ट्रीय रंगशाला सिविल नई दिल्ली में झांकी का निर्माण किया जाएगा और झांकी के साथ उत्तराखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए उत्तराखंड का प्रसिद्ध छोलिया नृत्य का ग्रुप 13 जनवरी 2023 को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।