जमीन पर कब्जा करने से रोका तो एससी-एसटी केस में फंसाया, 6 वर्षीय मासूम भी जेल..

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उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में अपनी जमीन को नहीं बेचने पर भू-माफियाओं तथा राजनीतिक नेताओं की मिलीभगत से एक परिवार को फर्जी फर्जी एससी-एसटी केस में फंसाया गया इतना ही नहीं 6 वर्षीय नाबालिग बच्चे जिसे अभी कुछ समझ नहीं उस पर भी एससी-एसटी केस लगाया गया। पीड़ित परिवार ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सीएम, डीजीपी समेत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, बाल अधिकार आयोग आदि को पत्र भेजा है। यह कहानी है टिहरी गढ़वाल जिले के ग्राम जामरी काटल तपोवन निवासी नरेश चंद्र और उसके परिवार की। आगे पढ़िए….

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फर्जी एससी-एसटी केस में फंसाने का आरोप

HINDU LIVE से बात करते हुए नरेश चंद्र ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में जमीन उनकेे नाम पर है लेकिन भू-माफिया उनके जमीन हड़पने की कोशिश करते रहे। जब उन्होंने अपनी जमीन नहीं बेचनी चाही तो भू माफिया उन्हें परेशान करने लगा। आरोप है कि जनपद टिहरी गढ़वाल के थाना मुनी की रेती में भू माफियाओं और कैबिनेट मिनिस्टर उत्तराखंड सुबोध उनियाल के द्वारा जमीन हड़पने की गरज से एक फर्जी एससी-एसटी केस में मुकदमा पंजीकृत कराया गया और पुलिस पर दबाव डालकर निर्दोषों को उनकी जमीन हड़पने के उद्देश्य से झूठे एससी एसटी एक्ट में जेल भेजा गया है। लक्ष्मी देवी के साथ उनका बेटा अभिनव उम्र 6 वर्ष भी जेल में निरुद्ध है। जेल में निरूद्ध  लक्ष्मी देवी, सीतादेवी, अमित, अतुल अभिनव उम्र 6 वर्ष उपरोक्त कारणों से उपरोक्त पदाधिकारियों के उत्पीड़न के कारण भूख हड़ताल में है जिसका नोटिस पूर्व में भी दिया जा चुका है। नरेश चंद्र ने बताया कि जिस महिला सीमा देवी द्वारा एससी-एसटी केस दर्ज करवाया गया वह महिला आगरा निवासी हैं और गांव मे एक युवक से शादी होने के बाद जांच अधिकारी द्वारा आगरा से यह तस्कीद नहीं करवाया गया कि उनका अनूसूचित जाति का प्रमाण पत्र सही है या नहीं।

नहीं मिला बिजली-पानी का कनेक्शन

29 मार्च 2022 को एसडीओ मुनी की रेती कार्यालय जिला टिहरी गढ़वाल में विद्युत कनेक्शन हेतु तथा अप्रैल माह के प्रारंभ में पानी हेतु ईईपेयजल निगम मुनी की रेती टिहरी गढ़वाल के कार्यालय में नरेश चंद्र द्वारा आवेदन किया गया था आरोप है कि कुछ भू माफियाओं के दबाव में उन्हें विद्युत पानी का कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने 1 अगस्त 2022 को जनता दरबार में जिलाधिकारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विद्युत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पेयजल को 1 सप्ताह के अंदर कनेक्शन जारी करने को निर्देशित किया लेकिन आज तक जिलाधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया गया। बीते 5 माह से बिजली व पानी के कनेक्शन नहीं मिलने पर नरेश चंद्र और उनके परिवार को मजबूर होकर अपने नाप खेतों पर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। सीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए उन्होंने इस प्रकरण की विस्तृत जांच करने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

 

भेजे गए पत्र में मुख्य बिंदु

  1.  जनपद टिहरी गढ़वाल के थाना मुनी की रेती में भू माफियाओं और कैबिनेट मिनिस्टर उत्तराखंड सुबोध उनियाल के द्वारा जमीन हड़पने की गरज से एक झूठा मुकदमा एससी एसटी एक्ट में पंजीकृत कराया गया और पुलिस पर दबाव डालकर निर्दोषों को उनकी जमीन हड़पने के उद्देश्य से झूठे एससी एसटी एक्ट में जेल भेजा गया है लक्ष्मी देवी के साथ तो उनका बेटा अभिनव उम्र 6 वर्ष भी जेल में निरुद्ध है।
  2.  निर्दोष लोगों को उनकी पैतृक जमीन पर विगत 10 महीने से बिजली व पानी का कनेक्शन भी नहीं दिया जा रहा है वे लगातार राज्य सरकार से बिजली पानी के कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। सुबोध उनियाल के दबाव के कारण राज्य सरकार के विभाग बिजली पानी का कनेक्शन नहीं दे रहे हैं और बिजली पानी के कनेक्शन के आवेदन पर गैरकानूनी आपत्ति लगा कर अनुच्छेद 21 दैहिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
  3.  भू माफियाओं के विरुद्ध जो मुकदमा पीड़ितों द्वारा थाना मुनिकीरेती जिला टिहरी गढ़वाल में लिखा गया है कैबिनेट मिनिस्टर सुबोध उनियाल के दबाव के कारण उस पर पुलिस अपराधी गैंगस्टर भू माफियाओं को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है ।
  4. इस मामले में कैबिनेट मिनिस्टर सुबोध उनियाल, झूठा मुकदमा लिखवाने वाली सरकारी अध्यापिका सीमा देवी, जांच अधिकारी, पानी व बिजली का कनेक्शन देने वाले जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ साथ हम जेल में निरुद्ध निर्दोष लोगों का भी नारको टेस्ट कराया जाना अनिवार्य है।
  5. जेल में निरूद्ध निर्दोष लक्ष्मी देवी, सीतादेवी, अमित, अतुल अभिनव उम्र 6 वर्ष उपरोक्त कारणों से उपरोक्त पदाधिकारियों के उत्पीड़न के कारण भूख हड़ताल में है जिसका नोटिस पूर्व में भी दिया जा चुका है।
  6. उपरोक्त मामलों में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर सुबोध उनियाल अपने पद का दुरुपयोग कर पर्दे के पीछे से सभी गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं जिस कारण से लक्ष्मी देवी सीता देवी अतुल अमित अभिनव का उत्पीड़न हो रहा है वह जेल में निरुद्ध है और उनके मौलिक अधिकारों का जबरदस्त हनन किया जा रहा है।
  7. पीड़ित परिवार की जान माल का सुबोध उनियाल और उनके सहयोगियों से गंभीर खतरा है उनकी संपत्ति और उनके शरीर की सुरक्षा हेतु शीघ्र पुलिस व्यवस्था की जाए।
  8. इस प्रकरण के विषय में अनेक बार प्रार्थना पत्र दिए गए किंतु मंत्री के दबाव व प्रभाव के कारण प्रार्थना पत्रों पर उचित कार्यवाही नहीं हुई।
  9. डीजीपी उत्तराखंड ईमानदार विवेचक से कार्यवाही करवा कर169 सीआरपीसी की रिपोर्ट माननीय सत्र न्यायालय टिहरी में प्रस्तुत कर निर्दोष लक्ष्मी देवी सीता देवी अमित अतुल व 6 वर्षीय अभिनव को जेल से रिहा करवा सकते हैं।

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पीड़ित परिवार की मांग 

  • उपरोक्त मामले में सीबीआई जांच किए जाने के आदेश पारित करने की कृपा करें ।
  • उत्तराखंड के कैबिनेट मिनिस्टर सुबोध उनियाल को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
  • उपरोक्त पीड़ित व्यक्तियों को शीघ्र बिजली पानी का कनेक्शन दिया जाए
  • पीड़ित परिवार द्वारा थाना मुनिकीरेती में पंजीकृत f.i.r. पर शीघ्र गैंगस्टर अपराधियों को जेल भेजा जाए।
  • पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
  • पुलिस १६९ सीआरपीसी की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें

नरेश चंद्र पुत्र स्वगीर्य मोहनलाल ने बताया कि पहले वह पुलिस विभाग में कार्यरत थे। उनकी जमीन पर भू माफियाओं घुस रहे थे लेकिन विभाग द्वारा सपोर्ट नहीं मिलने की वजह से वह 2021 में पुलिस विभाग से बाहर हो गए।