उत्तराखंड की राजधानी में इस बार मई महीने में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में लगातार महंगाई बढ़ रही है और दो दिन से तेज धूप के कारण सड़कें खाली दिख रही हैं। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और उछाल में बढ़ोतरी हो सकती है।
गर्मी बढ़ने का असर लोगों की सेहत पर भी दिख रहा है। मुख्यतः मधुमेह, कमजोरी और चक्कर आने वाले गरीबों की संख्या बढ़ रही है। ईसाइयों ने लोगों को अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय बाहर न जाने की सलाह दी जा रही है।
शहर में बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ी है। एशिया में कई पानी के डायनासोर प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं। बिजली विभाग का कहना है कि बिजली विभाग के कारण सिस्टम पर दबाव बढ़ा हुआ है, हालांकि बिजली को सामान्य रखने की कोशिश की जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बदलता मौसम और अत्यधिक प्रदूषित गर्मी बढ़ना इसका बड़ा कारण है। कंपनी को पहले ठंडे मौसम के रूप में जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। संरक्षण पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से पानी और बिजली का सही इस्तेमाल करने की भी अपील की है।